शब्दों का जादू | क्या होते है शब्द Magic of the words


शब्दों का जादू  क्या होते है शब्द Magic of the words 


नमस्कार दोस्तों ये जो लेख है ये आपके लिए बहुत ही कारगर सिद्ध होने वाला है | ये आपके जीवन को बदल कर रख देने वाला है |

शब्दों का जादू  क्या होते है शब्द Magic of the words
Magic of words 

 
शब्दों का जादू - क्या होते है शब्द कैसे हम शब्दों का सही इस्तेमाल करके लोगो पर हमारा अमिट असर छोड़ सकते है। शब्द ही वो जरिया है जिसके जरिये व्यक्ति हर जगह पर अपने आप को प्रस्तुत करता है। 

 रिश्ते हो या आपका बिज़नेस या आपका ऑफिस जहा आप काम करते है। हर जगह आप अपना एक अलग ही चरित्र निर्माण करते है।  आपके बोलने का स्टाइल ही लोगो को आपसे जोड़े रखता है।  





और लोगो का रिस्ता टूटना भी आपके शब्दों पर ही निर्भर करता है। 
शब्द ही वो जरिया है जिसके जरिये आप अपने मन की बात सामने वाले व्यक्ति के मन में पहुंचाते है।  




शब्दों का इस्तेमाल आपके जीवन में कैसे प्रभाव डालता है  -




1 . दोस्तों आप का मन भले ही कितना भी साफ़ हो आप किसी की कितनी भी परवाह करते हो हर काम अच्छा करते हो।






  हर चीज में परफेक्ट हो लेकिन अगर आपकी जबान में शब्दों की मिठास  नहीं है तो आप किसी के भी दिल में जगह नहीं बना सकते।  आपके जबान में ही मिठास है और आपके जबान में  ही कड़वाहट है।  आप दो अच्छे शब्द बोल कर सामने वाले को खुश कर सकते है। 


और दो अच्छे शब्द बोलकर सामने वाले  को दुखी कर सकते है।   यह सब आपके बोलने पर ही निर्भर करता है।   

2. अगर कोई व्यक्ति  है जो भले ही कोई काम इतना अच्छा नहीं कर पाता हो भले ही उसके मन में कुछ भी हो।  अगर वह जानता है की  सामने  वाले  से कैसे बात करनी है किन शब्दों  का इस्तेमाल करना  है तो वह व्यक्ति सामने वाले का दिल जीत सकता  है।

किन परिस्थितियों में क्या बात करनी चाहिए - 

आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगो के दिमाग में तनाव बना रहता है। 


 लोग बोलने से पहले बिलकुल भी नहीं सोचते  है की सामने वालो पर आपका क्या असर पड़ रहा है। 


 ये बात भी सच है की जब व्यक्ति चिंता और तनाव में होता है तो उसको पता नहीं होता है और वो बोल देता है। 
  
   
 दफ्तर से  घर लौटने पर - 

अगर कोई व्यक्ति है जो शादीशुदा है पुरे दिन वह ऑफिस में रहता है या काम पर रहता है जाहिर सी बात है जब वह शाम को घर लौटता है तो उसको तनाव होना ही होना है। और वो गुस्से में आकर अपना गुस्सा घबेसब्री रवालों पर निकालता है ।  

वह व्यक्ति  यह नहीं सोचता है की उसके घरवाले उसके आने का बेसब्री से इंतजार करते है।  


अगर वही व्यक्ति घर आते ही सब से पहले ये सोच ले की मुझे सब से पहले अपने बच्चो से प्यार से बात करनी है और  बीबी से भी  प्यार से बात करनी है। 


उसके काम की तारीफ़ भी करनी है फिर अपने दिल की बात बतानी है की वो कितनी तकलीफ है ऐसा करने से बीबी आपकी बात भी सुनेगी  और आपकी बात का बुरा भी नहीं मानेगी। 

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